◆ महापौर और नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग की प्रगति परखी
◆ एक साल से अधिक समय से अधूरे कार्यों की सूची बनाने के निर्देश
◆ 50 सड़कों का निरीक्षण करेंगे अधिकारी, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के 124 कार्य भी जांच के दायरे में
अयोध्या। नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब जिम्मेदार कार्यदायी फर्मों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं करने और निर्माण मानकों की अनदेखी करने वाली संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के साथ समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
महापौर ने कहा कि बरसात का मौसम समाप्त होने के साथ ही रुके हुए निर्माण कार्यों को गति दी जाए, ताकि निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी हो सकें। नाला-नालियों के निर्माण में खराब गुणवत्ता और इंटरलॉकिंग कार्यों में मानक के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किए जाने की शिकायतों पर उन्होंने नाराजगी जताई। अधिकारियों और अभियंताओं को नियमित निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में नगर निगम क्षेत्र की 50 सड़कों की स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता संयुक्त रूप से इन सड़कों का निरीक्षण करेंगे। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ फर्मों ने टेंडर के माध्यम से कई कार्य हासिल किए हैं, लेकिन उन्हें समय पर पूरा नहीं किया जा रहा है। इस पर नगर आयुक्त ने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित निर्माण कार्यों का ब्योरा तैयार कर संबंधित फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडेय के अनुसार, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत स्वीकृत 124 कार्यों में हो रही देरी की भी जांच की जाएगी। संबंधित कार्यों को जल्द पूरा कराने के साथ विलंब के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। निर्माण कार्यों की तकनीकी निगरानी मजबूत करने के लिए अनुबंध के आधार पर दक्ष और तकनीकी रूप से सक्षम कर्मचारियों की सेवाएं लेने पर भी सहमति बनी।
बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, मुख्य अभियंता पुनीत ओझा, अधिशासी अभियंता (सिविल) दीपांकर सिंह और सहायक अभियंता राजपति यादव उपस्थित रहे।