अम्बेडकर नगर। हापुड़ जनपद में लेखपाल सुभाष मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने पूरे प्रदेश के राजस्वकर्मियों को झकझोर कर रख दिया है। इसी क्रम में सोमवार को तहसील जलालपुर में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा।
धरने का नेतृत्व कर रहे लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रामजस ने आरोप लगाया कि हापुड़ में जिलाधिकारी द्वारा बिना किसी जांच व सत्यापन के लेखपाल सुभाष मीणा पर झूठी शिकायत के आधार पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई, जिससे मानसिक दबाव में आकर उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह घटना लेखपाल समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक व चिंता जनक है।
धरने के दौरान लेखपालों ने सरकार से चार प्रमुख मांगें रखीं जिसमें मृतक लेखपाल सुभाष मीणा के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
मृतक आश्रित को शैक्षिक योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए व मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। सभी अधिकारियों को अधीनस्थ कर्मियों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार के लिए निर्देशित किया जाए।
लेखपाल संघ के पदाधिकारी रविकांत त्रिपाठी, धर्मेंद्र सिंह, सुनील कुमार, गुलनाज बानो समेत अनेक लेखपालों ने इस धरने में भाग लेते हुए प्रदेश सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
धरना शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ, लेकिन लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।