अंबेडकर नगर। चल रे कांवरिया शिव के धाम की भक्तिमय धुनों व बोल बम के गगनभेदी जयकारों के बीच चार दिन की कठिन तपस्या करते हुए कांवड़ियों का दल अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच गया । तो वहीं क्षेत्र में कांवड़ियों के लिए हर वर्ष समाजसेवियो द्वारा जल पान भोजन सहित कई व्यवस्थाए की जाती रही है।
