◆ केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने की प्रेसवार्ता, चौक से नाका तक खोदी गई सड़क दुरुस्त कराने की मांग
अयोध्या । शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर अयोध्या में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूरे जनपद में करीब 2700 स्थानों पर मां भगवती की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं, लगभग 200 स्थानों पर रामलीला का आयोजन होगा। महानगर क्षेत्र में करीब 200 दुर्गा पूजा पंडाल सजाए जाएंगे, जबकि 10 स्थानों पर रामलीला का मंचन होगा। उत्सव की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने शुक्रवार को स्थानीय आभा होटल के सभागार में प्रेसवार्ता की।
समिति के जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि उत्सव के दौरान सबसे बड़ी समस्या चौक घंटाघर से नाका हनुमानगढ़ी तक मुख्य मार्ग की है। सीवर लाइन के कार्य के कारण सड़क खोदी गई है। प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि उत्सव के दौरान आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए सड़क को चलने योग्य कराया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन से वर्ष 2013 की भांति सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी की।
मनोज जायसवाल ने बताया कि इस बार निर्मली कुंड स्थित विसर्जन स्थल पर पहले से बड़ा घाट बनाया जाएगा, जिससे प्रतिमा विसर्जन में श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। केंद्रीय समिति की ओर से घाट पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
भव्य पंडालों में दिखेंगी माता की दिव्य झांकियां
समिति के प्रमुख संरक्षक एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष अनेक दुर्गा पूजा पंडालों में माता की दिव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समितियों की ओर से भव्य पंडालों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने पूजा समितियों से अपील की कि डीजे का इस्तेमाल धीमी आवाज में करें, क्योंकि उत्सव में बच्चे, बुजुर्ग और सभी वर्गों के लोग शामिल होते हैं। तेज आवाज से लोगों को परेशानी हो सकती है और अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रहेगा जोर
जिला संयोजक गगन जायसवाल ने कहा कि केंद्रीय समिति सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सजग है। सभी पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। यातायात नियंत्रण के लिए शक्ति वाहिनी के उपयोग की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन से शराब पीकर उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
ऐतिहासिक रामलीलाओं में दिखेगी परंपरा की झलक
समिति के जिला प्रवक्ता केशव बिगुलर ने कहा कि अयोध्या की रामलीलाएं ऐतिहासिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। साहबगंज की रामलीला अपनी प्राचीनता के लिए जानी जाती है, जबकि हैदरगंज प्रतापनगर की रामलीला की भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रहती है। कोठापार्चा की रामलीला में भव्य राज्याभिषेक का आयोजन विशेष पहचान रखता है। चौक टकसाल की रामलीला का मंचन भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इसके अलावा फतेहगंज, वजीरगंज, शंकरगढ़ और सिविल लाइंस की रामलीलाएं भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ा रही हैं।
प्रेसवार्ता में केंद्रीय समिति के संरक्षक अरुण अग्रवाल, रामलीला समितियों के प्रभारी प्रेमनाथ राय, मीडिया प्रभारी बजरंगी साहू सहित तारकेश्वर शर्मा, अतुल सिंह, अखिलेश पाठक, चंदन गुप्ता, अमित कनौजिया, राजेश जायसवाल राजू, दीपक गौतम, रोहिताश्व चंद्र राजू, संजय श्रीवास्तव, रविकांत आर्य, जनार्दन पांडे बबलू, देवेंद्र अग्रहरि, अंजनी पांडेय, रंजीत शर्मा, तरुण कुमार गुप्ता डंपी, अंश गुप्ता, वासु श्रीवास्तव, अवधेश अग्रहरि, नीरज पाठक, मुन्ना यादव और गौरव जायसवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।