अम्बेडकर नगर। सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और आईआईटी मद्रास के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी की पहल के तहत गुरुवार को तक्षशिला अकादमी में स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न विद्यालयों और नगर निकायों के वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, वहीं विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि व्यावसायिक वाहन चालक लंबे समय तक सड़क पर रहते हैं, लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते। ऐसे में समय-समय पर स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण से न केवल उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। स्वस्थ और सतर्क चालक ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था की आधारशिला हैं।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों के लिए सड़क सुरक्षा शिक्षा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। सीओईआरएस, आईआईटी मद्रास के प्रतिनिधियों, एआरटीओ सत्येन्द्र कुमार यादव तथा यातायात निरीक्षक जय बहादुर यादव ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों, जिम्मेदार सड़क व्यवहार और कम उम्र से सुरक्षित आदतें अपनाने के महत्व की जानकारी दी। संवादात्मक सत्र में छात्रों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता वीडियो भी दिखाए गए। इसके माध्यम से हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, यातायात नियमों के पालन, पैदल यात्रियों की सुरक्षा तथा जिम्मेदार सड़क उपयोगकर्ता बनने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि बच्चों में प्रारंभ से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित होगी तो वे स्वयं सुरक्षित रहेंगे और परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा और जनजागरूकता को जोड़ने वाली इस पहल का उद्देश्य सड़क सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।