अंबेडकरनगर। विकास के नाम पर शुरू की गई हर घर जल योजना सतरही गांव के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। दो साल बीत जाने के बाद भी घरों की टोटियों में पानी नहीं पहुंचा, लेकिन पाइपलाइन बिछाने के लिए खड़ंजे पर खोदे गए गड्ढे ग्रामीणों के लिए खतरा बन गए हैं। बारिश के बाद ये गड्ढे जलभराव से लबालब हो जाते हैं और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा देते हैं।
विकासखंड कटेहरी के मरथुआ सरैया ग्राम पंचायत में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का काम हुआ था। पाइप डालने के बाद गड्ढों में केवल हल्की मिट्टी डालकर जिम्मेदारी पूरी कर ली गई। नतीजतन, करीब 400 मीटर लंबे खड़ंजे पर आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर धंसान हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों का आना-जाना कठिन हो गया है।
गांव में शोभनाथ पांडेय, नितिन तिवारी, रामजतन तिवारी, विजय पांडेय, संतोष तिवारी के घरों के पास और श्यामनरायन तिवारी के खेत, काली चौरा स्थान तथा गांव के पूर्वी छोर पर माइनर के निकट बने गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। लगभग 300 की आबादी इस समस्या से जूझ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने और न ही ग्राम प्रधान ने कोई ठोस कार्रवाई की है।
ग्राम प्रधान अजय पटेल ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के साथ क्षतिग्रस्त मार्गों को दुरुस्त करना जल निगम विभाग की जिम्मेदारी है। ग्राम पंचायत स्तर से इसमें कुछ नहीं किया जा सकता, हालांकि वे इस संबंध में अधिकारियों को शिकायत करेंगे।