अयोध्या। रामपथ स्थित उदया चौराहे के निकट संचालित करीब 100 वर्ष पुरानी साकेत गौशाला की भूमि को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। धर्म सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष दुबे ने गौशाला की भूमि पर कथित कब्जे और उसके इस्तेमाल को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मामले की जांच कराकर भूमि को कब्जामुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि गौशाला ट्रस्ट से जुड़े रामजी दास ने ट्रस्ट के मूल नियमों और बायलॉज के विपरीत गौशाला की भूमि की बिक्री की। उनका कहना है कि भूमि का उपयोग गौसेवा और गायों के संरक्षण के लिए निर्धारित था। इसके बावजूद जमीन के संबंध में अनियमितता बरते जाने और कब्जा होने का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। साथ ही कथित कब्जे की स्थिति में भूमि को मुक्त कराकर उसे दोबारा गौशाला के उपयोग में लाने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।धर्म सेना प्रमुख ने कहा कि साकेत गौशाला का इतिहास करीब एक सदी पुराना है। गौशाला से जुड़ी भूमि के संरक्षण के लिए प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो धर्म सेना गौभक्तों के साथ आंदोलन करेगी।