अयोध्या। जिले में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। योजना के तहत अब तक 38,304 बेटियों को लाभान्वित किया जा चुका है। हाल ही में 10 करोड़ 79 लाख 57 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई, जिससे जिले के हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिला है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 25 अक्टूबर 2019 को प्रारंभ की गई यह योजना बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन देने, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने, बाल विवाह की कुरीति समाप्त करने तथा लिंगानुपात सुधारने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को बेटी के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक कुल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता छह चरणों में प्रदान की जाती है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्वनी तिवारी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को नई मजबूती मिली है। सहायता राशि स्कूल प्रवेश, पूर्ण टीकाकरण और उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो रही है। इससे परिवारों में बेटियों के भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच विकसित हो रही है।
योजना के तहत बालिका के जन्म पर 5 हजार रुपये, एक वर्ष पूर्ण होने पर और संपूर्ण टीकाकरण के बाद 2 हजार रुपये, कक्षा एक में प्रवेश पर 3 हजार रुपये, कक्षा छह में प्रवेश पर 3 हजार रुपये, कक्षा नौ में प्रवेश पर 5 हजार रुपये तथा कक्षा 12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक या दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश पर 7 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। यह संपूर्ण राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से माता या बालिका के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है।
पात्रता की शर्तों के अनुसार लाभार्थी परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए तथा परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। परिवार में अधिकतम दो बच्चों की सीमा निर्धारित है और योजना का लाभ केवल दो बेटियों तक ही सीमित है। बालिका का जन्म एक अप्रैल 2019 या उसके बाद होना अनिवार्य है (कुछ चरणों में तिथि संबंधी शर्तें लागू हैं)।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा जनसेवा केंद्रों एवं साइबर कैफे के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। जन्म प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, बैंक खाता विवरण एवं आधार कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है। कुल मिलाकर यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक सशक्त पहल है। इससे जिले में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” के संकल्प को मजबूती मिली है और बालिका सशक्तीकरण की दिशा में अयोध्या जनपद प्रदेश में उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।