◆ राजकीय निर्माण निगम की जांच में सामने आया मामला, कोतवाली नगर पुलिस कर रही छानबीन
अयोध्या। निर्माण कार्य का अनुभव दर्शाने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में एक निजी कंपनी के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया है। राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों की जांच में कंपनी द्वारा जारी किए गए मूल अनुभव प्रमाणपत्र से अलग एक अन्य प्रमाणपत्र तैयार किए जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक रवीन्द्र कुमार यादव ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि लखनऊ के महानगर क्षेत्र स्थित मेसर्स जीएस एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड ने निगम की अयोध्या इकाई के अंतर्गत सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर-कपिलवस्तु का निर्माण कार्य कराया था। यह कार्य अप्रैल 2019 में पूरा हुआ था। कंपनी के अनुरोध पर निगम की ओर से 12 अप्रैल 2019 को उसे अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया था।
तहरीर के मुताबिक, एक शिकायत की जांच के दौरान पता चला कि कंपनी ने कथित तौर पर विभाग के नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार कर 21 अक्टूबर 2019 की तारीख वाला दूसरा अनुभव प्रमाणपत्र बना लिया। आरोप है कि इस दस्तावेज पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर भी कंप्यूटर के माध्यम से कॉपी-पेस्ट किए गए थे। इसके बाद प्रमाणपत्र को विभाग की आधिकारिक मेल आईडी से मिलती-जुलती ई-मेल आईडी के जरिए भेजा गया। परियोजना प्रबंधक की शिकायत पर कोतवाली नगर पुलिस ने कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में दस्तावेजों की जांच के साथ अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।