◆ पिरखौली गौआश्रय स्थल में तैयार किए गए दीपक सीडीओ को सौंपे, अगले वर्ष एक लाख दीपक दान करने का लक्ष्य
अयोध्या। दीपोत्सव में इस बार गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दीपों की रोशनी के साथ प्रसारित होगा। पिरखौली स्थित अस्थायी गौआश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के गोबर से तैयार 5100 दीपक अयोध्या के दीपोत्सव में जलाए जाएंगे। रमेश सिंह सेवा संस्थान की ओर से तैयार इन दीपकों को मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह को सौंपा गया।
इस पहल की सराहना करते हुए सीडीओ ने कहा कि गोबर जैसे प्राकृतिक संसाधन से पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार करना उपयोगी नवाचार है। इससे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ गौशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी।
गौशाला संचालक उत्तम सिंह ने बताया कि संस्थान निराश्रित गोवंश के संरक्षण के साथ गौशालाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से गोबर से दीपक सहित कई उपयोगी वस्तुएं तैयार की जा रही हैं। इससे गौशालाओं में उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग हो रहा है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि संस्थान ने अगले वर्ष प्रदेशभर में संचालित अपनी गौशालाओं के माध्यम से एक लाख गोबर निर्मित दीपक दान करने का लक्ष्य रखा है। इस प्रयास के जरिए अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को गौसेवा तथा पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
उत्तम सिंह के मुताबिक, गोबर को केवल अपशिष्ट मानने के बजाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गौशालाओं की आय बढ़ाने वाले संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे तैयार उत्पाद गौशालाओं के लिए आय के नए रास्ते खोल सकते हैं। संस्थान की यह पहल दीपोत्सव में स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने के साथ गौसंरक्षण और आत्मनिर्भर गौशालाओं के संदेश को भी आगे बढ़ाएगी।