अम्बेडकर नगर। जनपद के 506 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किए जाने के उद्देश्य से गुरुवार को महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रेक्षागृह में एकदिवसीय वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने निर्देश दिए कि चयनित सभी 506 आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन कार्य हर हाल में आगामी 20 जनवरी तक पूर्ण कर लिया जाए, ताकि इन केंद्रों का शुभारंभ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर किया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने तकनीकी बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों में आकर्षक बाला पेंटिंग, बच्चों के लिए आधुनिक खेल सामग्री की उपलब्धता तथा पोषण वाटिका की स्थापना की जाएगी। परियोजना निदेशक अनिल कुमार सिंह ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं, जिससे जनपद के नौनिहालों को सुरक्षित, स्वच्छ और पोषणयुक्त वातावरण मिल सके।
इस अवसर पर वर्ष 2023-24 में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाली छह ग्राम सभाओं के ग्राम प्रधानों एवं ग्राम सचिवों को जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित ग्राम सभाओं में टांडा ब्लॉक की ग्राम सभा उतरेथू की ग्राम प्रधान रंजना देवी व ग्राम सचिव अमरपाल शर्मा तथा ग्राम सभा महूआरी के ग्राम प्रधान रमेश कुमार व ग्राम सचिव नीलम वर्मा शामिल रहीं। भीटी ब्लॉक से ग्राम सभा असगवां के ग्राम प्रधान रामचरन व ग्राम सचिव अरुण कुमार तथा ग्राम सभा उमरांवा की ग्राम प्रधान शांति देवी व ग्राम सचिव कुलदीप मिश्रा को सम्मानित किया गया। वहीं भियांव ब्लॉक की ग्राम सभा भियांव के ग्राम प्रधान दिलीप कुमार व ग्राम सचिव रत्नेश कुमार तथा ग्राम सभा मोहम्मदपुर ओददरपुर के ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह व ग्राम सचिव अपूर्वा सिंह को भी सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, संबंधित ग्राम सभाओं के ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव एवं अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से जनपद में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास को गति देने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस दिशा-निर्देश दिए गए।