अम्बेडकरनगर। अकबरपुर में तैनात पीआरडी जवान ने उपनिरीक्षक यातायात पर निजी बसों को नियम विरुद्ध नो एंट्री में अंदर जानें देने और इसके एवज में रुपये लेने का आरोप लगाया है। जवान ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पीआरडी जवान अजय कुमार वर्मा के अनुसार, उसकी ड्यूटी अन्नावां बाजार में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए लगाई गई थी। शिकायत में बताया गया है कि डायवर्जन के दौरान अंदर वाहनों के आने-जाने को लेकर यातायात उप निरीक्षक की ओर से मौखिक निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि निर्धारित व्यवस्था के विपरीत निजी बसों को भी शहर के अंदर प्रवेश कराया जाता है।
जवान ने शिकायत में आरोप लगाया है कि निजी बसों के संचालन की अनुमति के नाम पर उपनिरीक्षक द्वारा कथित रूप से करीब छह हजार रुपये प्रतिमाह लिए जाते हैं। उसका कहना है कि ड्यूटी के दौरान जब निजी बसों को रोका जाता है तो चालक या परिचालक फोन पर उप निरीक्षक यातायात से बात कराते हैं। इसके बाद बस को अंदर जाने का निर्देश दिया जाता है।
शिकायत में निजी बसों के आने-जाने का समय दोपहर एक से ढाई बजे तथा शाम साढ़े तीन बजे से रात आठ बजे तक निर्धारित होने का भी दावा किया गया है। पीआरडी जवान ने आरोप लगाया कि बसों को रोकने पर उस पर यह कहकर दबाव बनाया जाता है कि संबंधित वाहन पत्रकार का है और उसे जाने दिया जाए।
शिकायत में एक यातायात सिपाही पर भी रुपये लेकर तीन बसें चलवाने का आरोप लगाया गया है। जवान का आरोप है कि बसों को रोकने पर उसे धमकी दी गई तथा ड्यूटी से हटाकर दूसरे स्थान पर भेजने का दबाव बनाया गया।
पीआरडी जवान ने मुख्यमंत्री से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। साथ ही अन्नावां बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर आरोपों की सत्यता सामने लाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।