अयोध्या। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 19 मार्च को प्रस्तावित अ योध्या आगमन को लेकर शहर में प्रशासनिक, स्वच्छता और सांस्कृतिक तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई हैं। हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन निर्धारित इस कार्यक्रम के तहत श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र स्थापना और वैदिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगी।
स्वच्छता और सौंदर्यीकरण अभियान
नगर निगम द्वारा श्रीराम जन्मभूमि परिसर, सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सड़कों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि घाटों की जेटिंग मशीनों से धुलाई कराई जा रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित सफाई के साथ कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।
धूल नियंत्रण और हाईटेक सफाई
प्रमुख चौराहों और अंडरपासों पर धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। एयरपोर्ट मार्ग और अन्य प्रमुख रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि आवागमन के दौरान धूल और गंदगी की समस्या न हो।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
शहर में पेयजल की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। विभिन्न स्थानों पर वाटर कूलर और वाटर कियोस्क लगाए गए हैं, जहां से निःशुल्क पानी उपलब्ध होगा। इसके अलावा बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को भी बेहतर किया गया है, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
यातायात और भीड़ प्रबंधन
भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष यातायात योजना लागू की गई है। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है और आवारा पशुओं को हटाने के लिए टीमें तैनात की गई हैं। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी
राष्ट्रपति के स्वागत मार्ग पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। एयरपोर्ट से राम मंदिर तक लगभग 20 स्थानों पर मंच तैयार किए जा रहे हैं, जहां करीब 250 कलाकार रामायण आधारित प्रस्तुतियां देंगे। इन कार्यक्रमों में भजन, अवधी लोकनृत्य, झांकियां और वेदपाठ शामिल हैं, जो अयोध्या की सांस्कृतिक परंपरा को प्रदर्शित करेंगे।
प्रकाश और समन्वय व्यवस्था
घाटों, अंडरपासों और प्रमुख मार्गों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है। प्रशासन के अनुसार, सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम के दौरान शहर में सुचारु व्यवस्था बनी रहे और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।