◆ केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने पुलिस प्रशासन के साथ की बैठक
◆ हर पूजा पंडाल में पांच सदस्य पुलिस के संपर्क में रहेंगे, दो प्रमुखों के नाम चीता मोबाइल को भी दिए जाएंगे
◆ मनमानी डीजे ध्वनि और उपद्रव करने वालों पर सख्ती के निर्देश
अयोध्या। दुर्गापूजा और रामलीला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने पुलिस प्रशासन के साथ बैठक की। कोतवाली नगर परिसर में आयोजित बैठक में समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने अयोध्या की संवेदनशीलता को देखते हुए वर्ष 2013 की तर्ज पर पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन मार्गों तक व्यापक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्सव के दौरान शराब पीकर उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाए। साथ ही पूजा समितियों से अफवाहों के प्रति सतर्क रहने और श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने की अपील की।
मनोज जायसवाल ने रामलीला और राम बारात की परंपरा को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की नगरी में उनकी गरिमा के अनुरूप शोभायात्राओं से आमजन को जोड़ने की जरूरत है। देर रात निकलने वाली राम बारात के प्रति लोगों का रुझान कम होने के कारण उन्होंने शोभायात्राओं को गोधूलि बेला में निकालने पर विचार करने की बात कही।
हर पंडाल के लिए पुलिस से समन्वय की व्यवस्था
बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि पांडेय ने कहा कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही नहीं होगी। प्रत्येक दुर्गापूजा समिति के पांच सदस्यों को पुलिस के साथ समन्वय के लिए प्रमुख संपर्क के रूप में रखा जाएगा। इनमें से दो ऐसे सदस्यों के नाम चीता मोबाइल को भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जो रात में पंडालों में मौजूद रहेंगे। इससे रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद मिलेगी।
उन्होंने डीजे की तेज आवाज पर नियंत्रण रखने की अपील करते हुए कहा कि उत्सव की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन पर्व के दौरान सभी आवश्यक बिंदुओं पर सक्रिय रहेगा।
नगर मजिस्ट्रेट संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि उत्सव को शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ आयोजकों की भी है। समितियां अपने आयोजनों में असामाजिक तत्वों को शामिल होने से रोकें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
नगर कोतवाल मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस उत्सव समितियों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। पर्व से पहले ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। आयोजन के दौरान उपद्रव करने वालों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील स्थानों की सूची पुलिस को सौंपी
केंद्रीय समिति के पुलिस प्रभारी जेएन चतुर्वेदी ने बैठक में संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों के साथ उन गलियों की जानकारी भी पुलिस प्रशासन को दी, जहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने पूजा पंडालों, रामलीला स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की आवश्यकता बताई। समिति के प्रमुख संरक्षक एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने भी सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव रखे।
बैठक में रामलीला समितियों की ओर से रानू द्विवेदी, सिद्धार्थ महान, पीयूष मौर्य और रजनीश गुप्ता सहित बल्लाहाता दुर्गापूजा की प्रमुख एवं पूर्व सभासद कंचन दुबे ने व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। केंद्रीय समिति के अजय विश्वकर्मा, नागेंद्र पांडेय और डॉ. अखिलेश वैश्य सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी सुझाव दिए।
केंद्रीय समिति के जिला प्रवक्ता केशव बिगुलर ने बताया कि बैठक में जिला संयोजक गगन जायसवाल, प्रेमनाथ राय, अतुल सिंह, डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह, अखिलेश पाठक, रोहिताश्चंद्र राजू, देवेंद्र अग्रहरि, राजेश कुमार श्रीवास्तव, विशाल गुप्ता वासू, नीरज पाठक, भानचंद गुप्ता, तरुण कुमार गुप्ता, पंकज सनाढ्य, बेनी माधव पांडेय, राजेंद्र सिंह वैभव, सार्थक जायसवाल, ओम प्रकाश जायसवाल, मुन्ना यादव, दिनेश कुमार और गौरव जायसवाल सहित केंद्रीय समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा कोतवाली नगर के चौकी प्रभारी मौजूद रहे।