Monday, September 21, 2026
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आस्था के उजास से नहाया सूर्यकुण्ड, सूर्यदेव की आराधना को उमड़ा जनसैलाब


पूराबाजार, अयोध्या । नव्य अयोध्याधाम का पौराणिक सूर्यकुण्ड योगी सरकार के कायाकल्प प्रोजेक्ट के बाद आज  एक बेहद खूबसूरत दर्शनीय पर्यटन स्थल बन चुका है । वर्तमान में यह पौराणिक सूर्यकुण्ड अपनी भव्य लाइटिंग , शानदार दिव्य सूर्यद्वार गेट नंबर -1 और सांयकाल होने वाले थ्रीडी लेजर शो के लिए प्रसिद्ध हो चुके त्रेतायुगीन इस सूर्यकुण्ड परआज बड़ा रविवार का कहने को मेला है , लेकिन हर तरफ श्रद्धा और आस्था हिलोरें लेती दिखीं | इस मौके पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ प्रातः सूर्यकुण्ड स्नान, ध्यान , सूर्यदेव को अर्घ्य पूजन दर्शन के बाद मेले का लुफ्त उठा रही थीं । सूर्यकुण्ड परिसर के बाहर कहीं आसमान को चूमते झूले तो कहीं नृत्य ,संगीत और कला व जादू का जौहर छोटे- बड़े बच्चों- बूढ़ों के लिए ये मनोरंजन के साधन थे । मौका था सूर्यषष्ठी पर्व के उपरांत पड़ने वाले महा रविवार को सूर्यदेवता के जन्म का उत्सव पारम्परारिक व श्रद्धा भाव से देर रात्रि तक मनाया गया ।



अयोध्या के चौदह कोसीय परिक्रमा क्षेत्र में स्थित हिन्दुओं का पवित्र स्थान सूर्यकुण्ड सूर्यवंशी भगवान श्रीराम के वंशजों द्वारा स्थापित किया गया है । राजा दर्शन को इस स्थल की स्थापना का वाहक माना जाता है । जो प्रभु राम के वंशज माने जाते हैं | सूर्यदेवता की इति प्राचीन व दुर्लभ विग्रह भव्य मंदिर में स्थापित है जहाँ अयोध्या में होने वाले प्रमुख मूर्ति भव्य मंदिर में स्थापित है जहाँ अयोध्या में होने वाले प्रमुख मेले कार्तिक पूर्णिमा , परिक्रमा , चैत्र राम नवमी व सावन झूला के मौके पर दूर दराज से  काफी संख्या में यहाँ श्रद्धालु आते हैं । बताते चलें कि यहाँ यह प्रसिद्ध मेला पहले कई दिनों तक चलता था लेकिन वर्तमान में आवागमन के सुगम साधन हो जाने से मेला एक ही दिन का रह गया है ।

हनुमानगढ़ी के महंत सांगरिया पट्टी के धर्म सम्राट महंत ज्ञानदास जी महाराज के परम शिष्य और उनके उत्तराधिकारी महंत संजय दास , महंत हेमंत दास , मं लवकुश दास , हनुमान गढ़ी महंत गौरी शंकर दास , महंत जमुनादास एवं  महंत अर्जुनदास आदि बताते हैं कि ऐसी मान्यता है कि सूर्यकुण्ड में स्नान करने के बाद पूजन , दर्शन से मनवांछित फल फल प्राप्त होते हैं साथ ही चर्मरोगों से भी मुक्ति मिल जाती है । सूर्यषष्ठी को यहाँ आने वाले सूर्यभक्त सूर्यास्त से पूर्व होम अगियार करने के बाद दिन भर का व्रत मिष्ठान भोजन आदि ग्रहण कर तोड़ते हैं ।

आज महा रविवार को लोक विख्यात सूर्यकुण्ड पर सूर्योपासना के लिए शीष नवाने वालों में अयोध्या महापौर गिरीशपति त्रिपाठी , प्रथम महापौर रहे ऋषिकेश उपाध्याय , सूर्यवंशी क्षत्रिय उत्थान समिति के जिलाध्यक्ष भगवान बक्श सिंह , क्षत्रिय नेता अनिल कुमार सिंह ,धर्मेन्द्र सिंह टिल्लू , भाजपा नेत्री स्वाती सिंह , प्रधानाचार्य अविचल सिंह , भाजपा नेता नंदकुमार सिंह अनिल , समाजसेवी श्यामलाल यादव , शिक्षक नेता विश्वनाथ सिंह , आचार्य राकेश पाण्डेय , राजेश चौबे तथा प्रधान बब्बलू पाण्डेय आदि अनेक सूर्यभक्त मौजूद रहे ।

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