◆ पूर्व थानाध्यक्ष पूराकलंदर समेत अन्य पुलिस कमियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश
अयोध्या। वर्दी का रसूख आखिर कब तक बचा सकता है? थानापूराकलंदरकेपूर्वथानाध्यक्षदेवेन्द्रसिंह अब उसी थाने में खुद के खिलाफ मुकदमे का सामना करेंगे। मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने देवेन्द्र सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मियों और छह नामजद-अज्ञात लोगों पर एफआईआरदर्जकरविवेचनाशुरूकरनेकाआदेश दिया है।
यह आदेश ग्रामकर्मा, पोस्ट–कोडरी, पूराकलंदरनिवासीदुर्गेशसिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया गया। सीजेएमसुधांशुशेखरउपाध्याय ने प्रार्थना पत्र को धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत स्वीकार करते हुए पूराकलंदरपुलिसकोकार्रवाई का निर्देश दिया है।
आवेदक दुर्गेश सिंह ने आरोप लगाया है कि रिजर्वपुलिसलाइनलखनऊमेंतैनातदिनेशकुमारसिंह ने 25 मई को उनके घर पर कब्जे की नीयत से गाली–गलौजऔरधमकीदी, जबकि 13 जून को दोबारा मारपीटकरघरमेंतालाजड़दिया। आरोप यह भी है कि यह सबकुछ स्थानीयपुलिसकीमौजूदगीमें हुआ। मीनू सिंह के साथ मारपीट और घर के एक कमरे में सामानरखकरकब्जाकरनेकाप्रयास भी किया गया।
गौरतलब है कि इसी प्रकरण में दिनेश कुमार सिंह की ओर से पहले भी मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसकी विवेचना जारी है। अब कोर्ट के आदेश से पूरामामलापलटगयाहै। पूर्व थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज होने के आदेश ने पूराकलंदरथानेकेगलियारोंमेंहलचलमचादीहै। थानाध्यक्ष पूराकलंदर का कहना आदेश की प्रति अभी प्राप्त नही हुई है।