अयोध्या। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान गुजरात के वडनगर से काशी के लिए निकली यात्रा रविवार देर शाम अयोध्या महानगर की सीमा में पहुंची। गरुण द्वार पर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। वैश्य विनोद जायसवाल ने यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट किए। रीडगंज में मंडल अध्यक्ष हेमंत जायसवाल के नेतृत्व में मंडल पदाधिकारियों ने यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद बिरला मंदिर पर महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी सहित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यात्रियों का स्वागत किया।

यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। सोमवार सुबह कच्चा घाट अयोध्या और लता चौक पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके बाद कुष्ठ आश्रम में फल वितरण किया गया और युवा कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थियों से संवाद किया गया। यात्रा के दौरान दशरथ पथ स्थित रामपुर हलवारा के किष्किंधा वन में 251 पौधों का रोपण किया गया। इसके बाद यात्रा को पूराबाजार से आगे के लिए रवाना किया गया।

यात्रा में प्रदेश महामंत्री हर्ष वर्धन सिंह, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महानगर महामंत्री आकाश सिंह, सार्थक तिवारी, अभिलाष पाण्डेय, यश पाठक, विकास गुप्ता, आयुष पाण्डेय, शुभेंद्र सिंह, ज्वाला सोनी, कौशिक जीवनी, रवि सोनकर, अश्वनी गुप्ता, गणेश मिश्र, कपिल देव वर्मा, साहिल गुप्ता, दीपक चौधरी, अतुल मिश्र, आशुतोष श्रीवास्तव, लवकुश यादव, अभिषेक शुक्ला, अमन तिवारी बिट्टू, पार्षद अंकित त्रिपाठी, विशाल वैश्य सहित युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर निकली है यात्रा – डॉ. भाविन
सोमवार को होटल सार्वथिया सेवा सदन में आयोजित प्रेस वार्ता में गुजरात भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री डॉ. भाविन राजेश शिरोया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से युवाओं को सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्व से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गुजरात के वडनगर से शुरू हुई यात्रा का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और युवाओं के बीच सेवा भाव को मजबूत करना है। अयोध्या में यात्रा के दौरान धार्मिक दर्शन के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि अभियान में केवल यात्रा और धार्मिक स्थलों के दर्शन ही नहीं, बल्कि समाज के बीच जाकर सेवा कार्य करने पर भी जोर दिया जा रहा है।



