◆ योगी के नेतृत्व में फिर बनेगी भाजपा सरकार, 2027 में कार्यकर्ता लेकर जाएंगे सरकार का रिपोर्ट कार्ड
अयोध्या। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद की बैठक का शुभारंभ रविवार को अयोध्या धाम के हनुमान बाग में हुआ। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के लघु उद्योग मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। देशभर से आए पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारियों और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित संगठन है और उसका मुख्य एजेंडा विकास है। 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता सरकार के कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनेगी। अयोध्या में हो रहा विकास इसका प्रमुख उदाहरण है, जो देश और दुनिया के सामने दिखाई दे रहा है।
‘विपक्ष को राम मंदिर बनने की पीड़ा’
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि विपक्ष को इस बात की पीड़ा है कि भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, उन्हें अयोध्या का विकास और राम मंदिर का निर्माण स्वीकार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता राम विरोधियों को जवाब देगी।
अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर कसा तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आठ अक्टूबर को प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी और राम मंदिर भी यहीं हैं, इसलिए उन्हें वहां भी दर्शन करना चाहिए।
एनडीए के घटक दलों के साथ चुनाव लड़ने का दावा
गठबंधन के सवाल पर मंत्री ने कहा कि निषाद पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल और अपना दल एनडीए का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। वहीं INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन में आपसी अविश्वास दिखाई देता है और उसके पास देश तथा प्रदेश के विकास का कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है और देश में उसे मिली सफलता में गठबंधन सहयोगियों की भूमिका रही है।