अम्बेडकर नगर। समाजवादी पार्टी की ओर से टांडा में आयोजित पीडीए महापंचायत में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि पीडीए वर्ग सरकार की नीतियों से असंतुष्ट है। आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार ने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के हितों की अनदेखी की है।
रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
श्यामलाल पाल ने बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा ने हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन युवा आज भी रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सामाजिक न्याय की सरकार बनेगी।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। गाजीपुर में विश्वकर्मा समाज की बेटी से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना न्यायसंगत नहीं है और सरकार को ऐसी कार्रवाई पर पुनर्विचार करना चाहिए।
कुंदरकी उपचुनाव का मुद्दा भी उठा
पाल ने कुंदरकी उपचुनाव का उल्लेख करते हुए प्रशासन और पुलिस पर मतदाताओं को मतदान से रोकने तथा बूथों पर बैरिकेडिंग किए जाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए की एकजुटता का असर दिखाई दिया था और आगामी विधानसभा चुनाव में भी जनता भाजपा की नीतियों का जवाब देगी।
बुनकरों की बदहाली पर जताई चिंता
टांडा के बुनकर समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए श्यामलाल पाल ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से बुनकरों का कारोबार प्रभावित हुआ है। आयात-निर्यात में आई गिरावट का असर बुनकरों की आजीविका पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि बुनकर और कमेरा समाज दिन-रात मेहनत कर अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। सपा सरकार बनने पर बुनकरों और कमेरा समाज के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए प्रभावी कदम उठाने का भरोसा दिलाया।