प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन, प्रयागराज मंडल की ओर से जिला पंचायत सभागार में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में फार्मासिस्टों के अधिकारों और उनकी भूमिका को लेकर चर्चा हुई। विभिन्न फार्मेसी कॉलेजों के निदेशक, प्राचार्य, शिक्षक, फार्मासिस्ट और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संगठन के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि यूनाइटेड कॉलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. आलोक मुखर्जी और नंदकिशोर कॉलेज ऑफ फार्मेसी की निदेशक डॉ. अनीता दुबे रहीं। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला ने की।
मुख्य अतिथि डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल फार्मास्यूटिकल फेडरेशन की पहल पर वर्ष 2010 में इसकी शुरुआत हुई थी। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन देश के 16 राज्यों में कार्य कर रहा है। संगठन फार्मासिस्टों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ वंचित अधिकारों को दिलाने के लिए सरकार और न्यायालय स्तर पर प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट चिकित्सक और मरीज के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है। चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के बाद फार्मासिस्ट मरीज को दवा की खुराक, सेवन की विधि और संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देता है।
डॉ. सिंह ने बताया कि माइनर एलिमेंट पर प्रिस्क्रिप्शन राइट के अधिकार को लेकर सरकार से वार्ता चल रही है। साथ ही पीपीआर-2015 को उत्तर प्रदेश में लागू कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दर्जनों छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ. एमके गुप्ता, डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता गिरीश तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार अजय श्रीवास्तव ‘अज्जू’, पत्रकार बृजेश तिवारी, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष डॉ. एमके सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सिंह, प्रशांत, महासचिव नागेंद्र, उपाध्यक्ष सुधीर राव सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।