अम्बेडकर नगर। देव इंद्रावती महाविद्यालय कटेहरी में राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डा. एबी सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं को सामुदायिक सेवा के माध्यम से राष्ट्र सेवा का अवसर प्रदान करता है। स्वयंसेवकों को एनएसएस बैज गर्व के साथ धारण करते हुए जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डा. तेजभान मिश्र ने एनएसएस बैज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बैज में अंकित कोणार्क मंदिर के रथ का पहिया 24 घंटे का प्रतीक है। यह स्वयंसेवकों को चौबीसों घंटे राष्ट्र सेवा के लिए तैयार रहने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम अधिकारी सुधीर पाण्डेय ने बताया कि बैज का लाल रंग स्वयंसेवकों की स्फूर्ति, ऊर्जा और सेवा भावना का प्रतीक है, जबकि नीला रंग ब्रह्मांड को दर्शाता है, जिसमें एनएसएस मानव कल्याण के लिए अपना योगदान देता है। डा. बीरबल शर्मा ने कहा कि एनएसएस का आदर्श वाक्य मैं नहीं, आप है। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक समाज सेवा के साथ कुशल सामाजिक नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और मानव स्वभाव को समझने का गुण विकसित करते हैं।
डा. अमित पाण्डेय ने राष्ट्रीय एकीकरण शिविर की जानकारी देते हुए बताया कि सात दिवसीय आवासीय शिविर देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किए जाते हैं। इनमें विभिन्न राज्यों के स्वयंसेवक सहभागिता करते हैं और राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक समरसता से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेते हैं।
डा. शिल्पी जायसवाल ने राष्ट्रीय एकता शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डा. सीमा पटेल, डा. लव मिश्र, डा. विजय शंकर पाण्डेय सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।