◆ 702 शिकायतें प्राप्त, एक सप्ताह में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश; लापरवाही पर लेखपाल का वेतन रोकने के आदेश
अयोध्या। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने तहसील मिल्कीपुर में जनसमस्याएं सुनीं। इस दौरान मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया और उप जिलाधिकारी पवन कुमार शर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
समाधान दिवस में जिले की पांचों तहसीलों में कुल 702 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 97 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
मिल्कीपुर तहसील में डीएम के समक्ष 310 शिकायतें आईं, जिनमें 35 का मौके पर निस्तारण हुआ। सदर तहसील में 93 में से 20, सोहावल में 116 में से 11, रुदौली में 103 में से 21 तथा बीकापुर में 80 शिकायतों में से 10 का निस्तारण मौके पर किया गया।
अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद, सड़क, सुरक्षा, पेंशन, चकबंदी, चकमार्ग, अतिक्रमण और विद्युत से संबंधित रहीं। जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से स्थलीय जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर कार्रवाई
संपूर्ण समाधान दिवस में अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं, परिक्रमा मार्ग से संबंधित प्रतिकर भुगतान के मामले में शिकायत का समय से निस्तारण नहीं किए जाने पर संबंधित लेखपाल सुमित ठाकुर का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
पोषण प्रदर्शनी का किया अवलोकन
इस दौरान जिलाधिकारी ने विधायक चंद्रभानु पासवान के साथ तहसील परिसर में पोषण माह के तहत लगाई गई आंगनवाड़ी प्रदर्शनी और स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने पोषण संबंधी गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी ली तथा लोगों को संतुलित आहार और कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी और विधायक ने दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के समुचित पोषण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता है।