◆ आयुष्मान कार्ड, वर्दी–टर्नआउट और थानों में हॉल निर्माण की समीक्षा; अभिलेखों में पारदर्शिता पर जोर
अयोध्या। पूर्वांचल परिक्षेत्र के डीआईजी होमगार्ड प्रमोद पाल के अयोध्या दौरे के दूसरे दिन मंडलीय समीक्षा और निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर होमगार्ड जवानों से जुड़े विभिन्न विषयों, सुविधाओं और आगामी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने जवानों को शासन स्तर से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में आयुष्मान भारत कार्ड अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने कहा कि प्रत्येक पात्र होमगार्ड जवान तक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ पहुंचना चाहिए। उन्होंने जवानों के वर्दी-टर्नआउट, अनुशासन और कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए।
डीआईजी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप थानों में होमगार्ड जवानों के ठहरने के लिए हॉल बनाए जाने की योजना है। जिन थानों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भूमि उपलब्ध नहीं होने वाले थानों में वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने को कहा गया है।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने कार्यालयीय अभिलेखों, सेवा रिकॉर्ड, सीआर और ईआर सहित अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव में पारदर्शिता और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि आगामी भर्ती प्रक्रिया में चयनित होमगार्ड जवानों को तीन माह की अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शासन की नीति के अनुसार उनकी ड्यूटी निर्धारित की जाएगी।
होमगार्ड जवानों के भविष्य से जुड़े कल्याणकारी प्रावधानों पर डीआईजी ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद पीपीएफ सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव फिलहाल शासन स्तर पर विचाराधीन है।
मीडिया से बातचीत में डीआईजी प्रमोद पाल ने कहा कि शासन और सरकार की ओर से होमगार्ड जवानों के हित में संचालित प्रत्येक सुविधा को अंतिम छोर तक तैनात जवान तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है।