◆ तीन करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण, एक छत के नीचे मिलेंगी पुनर्वास की सुविधाएं
अयोध्या। दिव्यांगजन को बेहतर पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अयोध्या में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित किया जाएगा। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस केंद्र के लिए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में भूमि चिह्नित की है। भूमि संबंधी प्रस्ताव विभाग को भेजे जाने के बाद केंद्र के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
प्रदेश के चार मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की योजना के तहत अयोध्या में प्रथम चरण में यह केंद्र बनाया जा रहा है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक ने मंडल मुख्यालय पर केंद्र की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। इसके बाद जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज परिसर में उपयुक्त भूमि चिह्नित की।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी चंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से भूमि चिह्नित किए जाने की जानकारी विभाग को भेज दी गई है। केंद्र के संचालन के बाद दिव्यांगजनों को पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
डीडीआरसी में दिव्यांगजनों का सर्वेक्षण एवं पहचान, दिव्यांगता की रोकथाम के लिए जनजागरूकता, प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑडियोलॉजी और काउंसलिंग की सुविधा भी एक ही परिसर में मिलेगी।
केंद्र में शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय के लोगों के लिए अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए कार्यालय कक्ष, सामान्य कक्ष, कार्यशाला, ऑडियोलॉजी एवं स्पीच थेरेपी कक्ष, फिजियोथेरेपी कक्ष और काउंसलिंग कक्ष समेत आवश्यक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण प्रस्तावित है।
केंद्र के शुरू होने से अयोध्या मंडल के दिव्यांगजनों को स्थानीय स्तर पर पुनर्वास सेवाएं मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें आवश्यक उपचार, प्रशिक्षण, सहायक उपकरण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।