◆ जी+1 भवन में सत्संग सभागार, प्रतीक्षालय, रसोई और चार कक्ष समेत मिलेंगी कई सुविधाएं
अयोध्या। पांच कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित संत निवास का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 3.35 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे इस कार्य के तहत परिसर को नए स्वरूप के साथ विभिन्न सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। परियोजना में संतों और धार्मिक यात्रियों के ठहरने के साथ धार्मिक आयोजनों के लिए भी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
कार्ययोजना के तहत संत निवास में जी+1 भवन का निर्माण कराया जा रहा है। भूतल पर सत्संग सभागार, प्रतीक्षालय, कार्यालय, रसोईघर, इलेक्ट्रिकल रूम, टॉयलेट ब्लॉक और पेयजल की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं प्रथम तल पर चार कक्षों के साथ टॉयलेट ब्लॉक और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कक्षों का उपयोग संतों के ठहराव के लिए किया जा सकेगा।
परियोजना की स्वीकृत लागत 3.35 करोड़ रुपये है। अधिकारियों के अनुसार भवन का संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में फिनिशिंग का काम चल रहा है। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। परियोजना प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।
संत निवास के विकसित होने के बाद यहां सत्संग, बैठक और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। प्रतीक्षालय, रसोई, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं से यहां आने वाले संतों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रथम तल पर बनाए जा रहे चार कक्ष ठहरने के लिए उपयोगी होंगे।
श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ एवं नगर आयुक्त जयेन्द्र कुमार ने बताया कि परियोजना में गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्य पूरा होने के बाद संत निवास में ठहरने और धार्मिक आयोजनों से जुड़ी सुविधाओं में विस्तार होगा।
परियोजना का निर्माण पर्यटन विभाग की धनराशि से कराया जा रहा है। पांच कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित होने के कारण संत निवास के विकसित होने से परिक्रमा और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां आने वाले संतों एवं श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकेंगी।