अयोध्या। ‘नगर की सरकार आपके द्वार’ अभियान के तहत बुधवार को हनुमानकुंड वार्ड में नगर निगम की टीम निकली तो इलाके की बदहाल व्यवस्थाओं ने नगर निगम के दावों की कलई खोल दी। निरीक्षण के दौरान कहीं सीवर लीकेज मिला तो कहीं जलभराव से लोग परेशान दिखे। कई गलियों में सड़क और गली निर्माण की जरूरत सामने आई, जबकि रेलवे स्टेशन मार्ग पर अतिक्रमण और बेतरतीब ई-रिक्शा संचालन ने यातायात व्यवस्था की भी पोल खोल दी।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी के मार्गदर्शन में नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार समेत नगर निगम के अधिकारियों ने सुबह करीब 7.30 बजे बिरला मंदिर के पीछे की गली से निरीक्षण शुरू किया। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के सामने समस्याओं की झड़ी लगा दी। सीवर व्यवस्था की बदहाली को लेकर महापौर ने सीवर लाइन बदलने और उसका विस्तार करने तथा नालियों को सीवर से जोड़ने के निर्देश दिए।
माहेश्वरी कंफर्ट्स के पास सीवर लीकेज देखकर महापौर भी नाराज हो गए। स्थानीय लोगों ने जल निकासी की समस्या बताई तो स्थल के अनुरूप नाली निर्माण और आगे सीवर लाइन डालने के निर्देश निर्माण विभाग को दिए गए। निरीक्षण में कई गलियों में सड़क और गली निर्माण की जरूरत भी सामने आई, जिससे इलाके में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं।
जलवानपुरा में पानी ही पानी, सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
जलवानपुरा पहुंचने पर कई स्थानों पर जलभराव देखकर महापौर ने नाराजगी जताई। तत्काल पंप चलाकर पानी निकालने के निर्देश देने पड़े। स्थानीय लोगों ने नियमित कूड़ा उठान नहीं होने की शिकायत की तो सफाई नायक को तलब कर नियमित सफाई कराने की हिदायत दी गई।
मुरारी धर्मशाला के सामने नाली चौक होने से जलभराव की स्थिति देखकर महापौर मौके पर रुके और नगर निगम की टीम बुलाकर नाली की सफाई कराई। लोगों ने नाली को ऊंचा और गहरा करने की मांग रखी। नालियों पर रैंप बनाकर किए गए अस्थायी अतिक्रमण भी समस्या की एक बड़ी वजह के रूप में सामने आए। महापौर ने ऐसे लोगों को नोटिस जारी करने और जरूरत वाले स्थानों पर लोहे की जालीदार रैंप बनाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
पार्क निर्माण में गुणवत्ता पर भी निगरानी की हिदायत
महापौर ने अंबेडकर पार्क में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए पार्क के अंदर एक अतिरिक्त गेट लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न करने की हिदायत दी गई।
स्टेशन मार्ग पर अतिक्रमण और ई–रिक्शा ने बिगाड़ी यातायात व्यवस्था
निरीक्षण के अंतिम चरण में रेलवे स्टेशन मार्ग की स्थिति भी नगर निगम के लिए परेशानी का सबब बनी। नो-वेंडिंग जोन में ठेले-खोमचे और सड़क पर बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा के कारण यातायात बाधित मिला। महापौर ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रवर्तन दल की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
पानी की टंकी की ओर से आने वाले ई-रिक्शा को इस मार्ग पर अनियंत्रित तरीके से आने से रोकने की व्यवस्था करने तथा यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस विभाग से समन्वय करने को कहा गया।
निरीक्षण में सामने आई तस्वीर यही बताती है कि अभियान के तहत अधिकारियों को जनता के बीच पहुंचने के बाद कागजों और दावों से अलग जमीन पर जलभराव, सीवर, सफाई, सड़क, अतिक्रमण और यातायात जैसी बुनियादी समस्याओं से दो–चार होना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देश वास्तव में जमीन पर उतरते हैं या समस्याएं अगले निरीक्षण तक जस की तस बनी रहती हैं।
निरीक्षण के दौरान पार्षद प्रतिनिधि अभय श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भरत भार्गव, महाप्रबंधक जलकर सौरभ श्रीवास्तव, मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश झा, सहायक अभियंता निर्माण राजपति यादव समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।