◆ झूलनोत्सव में भक्तों ने लगाए जय श्रीराम के जयकारे, सावन भर अयोध्या के मंदिरों में गूंजेंगे भजन–कीर्तन
अयोध्या। सावन माह की शुरुआत के साथ ही रामनगरी अयोध्या में भक्ति और उल्लास का रंग गहराने लगा है। सावन की फुहारों के बीच रविवार देर शाम प्रसिद्ध रंगमहल मंदिर में भव्य झूलनोत्सव का शुभारंभ हुआ। भगवान श्रीराम, माता जानकी और तीनों भाइयों को फूलों से सजे आकर्षक फूल बंगला झूले पर विराजमान कराया गया। विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद भव्य आरती हुई। इस दौरान मंदिर परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
झूलनोत्सव में शामिल होने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में रामभक्त अयोध्या पहुंचे। भगवान के फूल बंगला झूले पर विराजमान होने का मनोहारी दृश्य देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। भक्तों ने दर्शन-पूजन के साथ झूले के समक्ष अपनी श्रद्धा निवेदित की।
महंतों के अनुसार अयोध्या में झूलनोत्सव की परंपरा सदियों पुरानी है। सावन शुक्ल तृतीया से रामनगरी के पांच हजार से अधिक मठ–मंदिरों में झूलनोत्सव की धूम शुरू हो जाती है। परंपरा के अनुसार सबसे पहले पवित्र मणि पर्वत पर भगवान के विग्रह को झूला झुलाया जाता है। इसके बाद अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में झूलनोत्सव का क्रम शुरू होता है।
पूरे सावन माह अयोध्या के मंदिरों में शाम के समय भजन-कीर्तन, पद गायन और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और फूलों से सजे झूले श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हैं।
भाजपा महानगर मंत्री स्वाती सिंह और अविचल सिंह ने कहा कि सावन में अयोध्या का प्रत्येक मंदिर विशेष रूप से सजाया जाता है। झूलनोत्सव रामनगरी की धार्मिक आस्था के साथ उसकी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। सावन भर चलने वाला यह उत्सव श्रद्धालुओं को भक्ति, संगीत और उल्लास से जोड़ता है।