अयोध्या। भाजपाईयों द्वारा कांग्रेस नेताओं के चित्र जलाए जाने की घटना को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चेतनारायण सिंह, महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम और पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों द्वारा राजनीतिक विरोध के नाम पर कांग्रेस नेताओं के चित्र जलाना लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शिष्टाचार के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब इस घटना से अयोध्या की छवि प्रभावित हुई, तब भाजपा और स्वयं को सनातन धर्म का हितैषी बताने वाले लोग मौन रहे। बयान में आरोप लगाया गया कि भाजपा के रोड शो सहित विभिन्न आयोजनों में भगवान हनुमान के स्वरूप और धार्मिक प्रतीकों का अनुचित उपयोग किया गया, लेकिन उस समय किसी ने आपत्ति नहीं जताई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि वास्तव में धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं के सम्मान की चिंता है, तो सभी मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक नाट्य मंचन को आधार बनाकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के कार्यक्रमों पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, जबकि भाजपा समर्थकों द्वारा कांग्रेस नेताओं के चित्र जलाने की घटना के दौरान प्रशासन निष्क्रिय बना रहा। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए निष्पक्ष और समान कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक असहमति के नाम पर इस प्रकार की उकसाऊ और अशोभनीय गतिविधियां लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।