अंबेडकर नगर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने शुक्रवार को जिले के दौरे पर जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की लिफ्ट बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी को तत्काल लिफ्ट संचालक की तैनाती कर सेवा बहाल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान आयोग अध्यक्ष ने दवा वितरण काउंटर, पर्चा काउंटर, वजन जांच मशीन, रैम्प, प्रसूति वार्ड, आपातकालीन कक्ष और विभिन्न अभिलेखों का निरीक्षण किया। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत कर भोजन, दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकों के व्यवहार की जानकारी भी ली।
डॉ. चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं और सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मरीजों को असुविधा होती है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों को फल वितरित किए तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं और उनके अभिभावकों को सम्मानित कर बेबी किट प्रदान की।
इसके बाद आयोग अध्यक्ष ने वन स्टॉप सेंटर और जिला कारागार का निरीक्षण किया। जिला कारागार परिसर में वृक्षारोपण करने के साथ दो पावरलूम का उद्घाटन कर उन्हें बंदियों के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए समर्पित किया।
सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जनसुनवाई में 18 महिलाओं की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के अंत में उत्तर प्रदेश बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप, निराश्रित महिला पेंशन और कन्या सुमंगला योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।