◆ पर्यटकों की सुविधाओं और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर
अयोध्या। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की सप्तम बैठक मंगलवार को मंडलायुक्त एवं परिषद के अध्यक्ष राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 17 परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने सभी लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी जयेन्द्र कुमार ने परिषद के माध्यम से संचालित परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही पर्यटन निदेशालय से स्वीकृत 17 परियोजनाओं तथा हस्तांतरण के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं की स्थिति से भी अवगत कराया। बैठक में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मंडलायुक्त ने कहा कि सभी परियोजनाओं का उद्देश्य अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना में पर्यटकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रकाश व्यवस्था, पर्याप्त शेड, पेयजल, बैठने की व्यवस्था तथा वृद्धजनों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर भी जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की जांच समिति से परीक्षण कराने के बाद ही उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को भेजे जाएं। साथ ही कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड को निर्देशित किया कि सभी प्रचलित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।