अयोध्या। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित स्वतंत्र समिति से कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर उन्हें भरोसा नहीं है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी आवश्यक है।
अयोध्या में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए तथा उससे जुड़े सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों को उनके पदों से हटाया जाए। उनका कहना था कि यदि संबंधित लोग अपने पदों पर बने रहते हैं तो जांच प्रभावित हो सकती है।
सांसद ने इस मामले को सार्वजनिक करने का श्रेय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को देते हुए कहा कि उन्होंने ही सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया और जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल ट्रस्ट या प्रदेश सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान राम से जुड़ा विषय है।
अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि चढ़ावे की रकम को गोबर और घूर गड्ढों में छिपाए जाने जैसी सूचनाएं भी सामने आ रही हैं, जिनकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होने पर ही पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता और रामभक्तों का विश्वास बनाए रखने के लिए इस मामले की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।