अंबेडकरनगर। योगी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर जिले में बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत अब तक 33,718 बेटियों को लाभान्वित करते हुए 785.61 लाख रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर संचालित इस योजना का उद्देश्य बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत कुल 25 हजार रुपये की सहायता किस्तों में दी जाती है, जिससे परिवारों को बेटी के पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्च में राहत मिलती है।
जिले में महिला कल्याण विभाग की देखरेख में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों की बेटियां इस योजना से जुड़कर अपनी पढ़ाई जारी रख पा रही हैं। इससे न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी आई है, बल्कि बालिकाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को दिया जाता है जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है और अधिकतम दो बेटियों को ही इसका लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बेटियों के लाभान्वित होने से परिवारों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और बेटियों का भविष्य सुरक्षित हुआ है।
योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग चरणों में धनराशि दी जाती है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। इसमें जन्म पर 5 हजार रुपये, पूर्ण टीकाकरण पर 2 हजार रुपये, कक्षा एक, छह और नौ में प्रवेश पर क्रमशः 3-3 हजार व 5 हजार रुपये तथा स्नातक या डिप्लोमा में प्रवेश पर 7 हजार रुपये दिए जाते हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक पात्र बेटियों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को और मजबूती मिल सके।