अयोध्या। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित कन्या विवाह अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अयोध्या मंडल के पांच जिलों के 3,386 पंजीकृत श्रमिक परिवारों को 18 करोड़ 53 लाख 1 हजार रुपये की विवाह सहायता प्रदान की गई है। यह जानकारी श्रम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में दी गई है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अयोध्या जिले में सर्वाधिक 1,574 लाभार्थियों को 8 करोड़ 67 लाख 86 हजार रुपये की सहायता दी गई। इसके अलावा सुल्तानपुर में 595 लाभार्थियों को 3 करोड़ 27 लाख 35 हजार रुपये, बाराबंकी में 491 लाभार्थियों को 2 करोड़ 70 लाख 5 हजार रुपये, अमेठी में 358 लाभार्थियों को 1 करोड़ 96 लाख 90 हजार रुपये तथा अम्बेडकरनगर में 368 लाभार्थियों को 1 करोड़ 90 लाख 85 हजार रुपये वितरित किए गए।
अयोध्या के उप श्रमायुक्त अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि योजना के तहत सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों से समय पर आवेदन कर विभाग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
कन्या विवाह अनुदान योजना उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से संचालित की जाती है। योजना का लाभ ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को मिलता है, जिन्होंने पंजीकरण के बाद कम से कम 365 दिन की सदस्यता पूरी कर ली हो। श्रमिक अपनी पुत्री अथवा पंजीकृत महिला श्रमिक स्वयं के विवाह के लिए आवेदन कर सकती हैं। पात्रता के अनुसार कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष निर्धारित है।
योजना के अंतर्गत सामान्य विवाह पर ₹65 हजार, अंतर्जातीय विवाह पर ₹75 हजार तथा न्यूनतम 11 जोड़ों वाले सामूहिक विवाह में ₹85 हजार की सहायता का प्रावधान है। यह लाभ अधिकतम दो संतानों तक सीमित है। आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य है तथा विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन किया जा सकता है।