◆ डाक्टर के नशेमेंहोनेकीआशंका, मेडिकलकरानेकीउठीमांग
अयोध्या । जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक डॉक्टर पर इंटर्न पैरामेडिकल छात्रा के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। कथित टिप्पणी से आहत छात्रा की आंखों में आंसू आ गए। मौके पर मौजूद दूसरी छात्रा और एक महिला तीमारदार ने डॉक्टर के व्यवहार का विरोध किया, जिसके बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। हालांकि इंटर्न छात्रा जिला अस्पताल से जुड़ी थी अथवा नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
आरोप है कि श्रीराम चिकित्सालय में तैनात बताए जा रहे डॉक्टर अपने किसी रिश्तेदार का उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल आए थे। इमरजेंसी में मौजूदगी के दौरान उन्होंने वहां मौजूद इंटर्न पैरामेडिकल छात्रा के प्रति अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इससे छात्रा आहत हो गई। उसके साथ मौजूद दूसरी छात्रा और महिला तीमारदार ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई तो विवाद बढ़ गया। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास मौजूद लोग भी एकत्र हो गए और डॉक्टर के कथित व्यवहार को लेकर नाराजगी जताने लगे।
सीएमओसेहस्तक्षेपकीमांग, मौकेपरनहींपहुंचनेकाआरोप
बताया जा रहा है कि घटना के समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) भी जिला अस्पताल में मौजूद थे। हंगामा कर रहे लोगों ने उनसे मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करने की अपील की, लेकिन आरोप है कि वह घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। लोगों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के दौरान सीएमओ अस्पताल के पिछले गेट से बाहर निकल गए।
अस्पतालप्रशासननेछात्राओंकोमौकेसेहटाया
मामले को लेकर लोगों की भीड़ बढ़ने पर अस्पताल प्रशासन ने दोनों छात्राओं को मौके से हटा दिया। जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी मौके पर पहुंचे और आरोपी डॉक्टर को ईएमओ कक्ष में ले गए। इस दौरान कुछ लोगों ने डॉक्टर के नशे में होने की आशंका जताई और उसका मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की। हालांकि, आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर को चिकित्सकीय परीक्षण कराए बिना ही वहां से जाने दिया। घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। फिलहाल आरोपी डॉक्टर की ओर से आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में आधिकारिक शिकायत, चिकित्सकीय परीक्षण या किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी है।
आरोपित डाक्टर ने टिप्पणी किए जाने से किया इंकार
आरोपित डाक्टर ने बताया कि वह अपने अंकल का सीटी स्कैन करने के लिए आया था। इसके बाद इमरजेंसी में बैठ गया। वहां मेरा भांजा खड़ा था। उससे हंसी मजाक में कुछ बोल दिया। उसके पीछे खड़ी लड़की ने क्या सोच लिया, इससे हमें क्या मतलब है। जिला अस्पताल के अधीक्षक डा. अजय चौधरी ने बताया कि न शिकायतकर्ता से मुलाकात हुई और न ही कोई शिकायती पत्र मामले में मिला है। डाक्टर ने अपने द्वारा ऐसा कुछ भी करने से इंकार किया है।