अयोध्या। जनपद में बाल विवाह की रोकथाम और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बुधवार को जागरूकता रथ को मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्वनी कुमार तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ अपराजिता सामाजिक समिति और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस (Just Rights for Children Alliance) के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यह जागरूकता रथ आगामी एक माह तक जनपद के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इस दौरान लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभाव, कानूनी प्रावधानों और बच्चों के अधिकारों के संबंध में जानकारी दी जाएगी। अभियान के तहत समुदायों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक गुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सर्वाइवर नेटवर्क के साथ संवाद स्थापित कर सामाजिक सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
अपराजिता सामाजिक समिति की निदेशक किरण बैंस ने बताया कि यह पहल बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि संस्था लंबे समय से बाल अधिकार संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर कार्य कर रही है और इस अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
संस्था, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस की सहयोगी इकाई के रूप में, ‘एक्सेस टू जस्टिस’ परियोजना के तहत बाल विवाह, बाल यौन शोषण, बाल श्रम और मानव तस्करी जैसे संवेदनशील विषयों पर संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के संचालन में अपराजिता टीम से जिला समन्वयक कविता मिश्रा और अत्रेय त्रिपाठी, खंड समन्वयक शिवम विश्वकर्मा, सिद्धार्थ दुबे और पूजा पांडे की भूमिका रही।
बाल अपराध या बाल संरक्षण से संबंधित किसी भी सूचना या शिकायत के लिए नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1800 102 7222 (JRC हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) या 9335710239 (अपराजिता सामाजिक समिति) पर संपर्क कर सकते हैं।