अयोध्या। नगर निगम अयोध्या की 11वीं आम बोर्ड बैठक में विकास कार्यों, स्वच्छता, जल निकासी और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि यदि किसी निर्माण अथवा अन्य कार्य की निविदा निर्धारित दर से 15 प्रतिशत से अधिक कम (डाउन) डाली जाती है तो ऐसे कार्यों की विशेष जांच कराई जाएगी, ताकि गुणवत्ता से समझौता न हो।
बैठक को संबोधित करते हुए महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि राममंदिर निर्माण के बाद अयोध्या आध्यात्मिक राजधानी के साथ आर्थिक पुनर्जागरण और रिवर्स माइग्रेशन का केंद्र बनकर उभरी है। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ के सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि प्रतिदिन लगभग दो लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों की आय में पांच गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। होटल, परिवहन, दुकानों और सेवा क्षेत्र में विस्तार के साथ छोटे उद्योगों की संख्या बढ़ी है और करीब एक लाख बीस हजार रोजगार की संभावनाएं सृजित हुई हैं। उन्होंने इस विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टेंपल इकोनॉमी मॉडल से जोड़ा।
बैठक में जलवानपुरा, जनौरा और मधवा गद्दोपुर क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर नियंत्रण की जानकारी दी गई। स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष दस में स्थान प्राप्त करने के लिए जनसहयोग बढ़ाने पर बल दिया गया। गोपनीयता भंग होने के मामले पर सख्ती से निपटने का निर्णय लिया गया। डेकोरेटेड विद्युत पोल लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि 150 पोल लगाने के स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं और खराब लाइटों की मरम्मत संस्था के माध्यम से कराई जाएगी। इस संबंध में पार्षदों और वेंडरों की बैठक कराने का निर्णय लिया गया।
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत 19 चौराहों पर आपातकालीन सहायता के बेहतर रिकॉर्ड पर संतोष जताया गया। ऊदा देवी के नाम पर चौराहे का नामकरण और नगर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया। विद्याकुंड, सीताकुंड और दशरथकुंड की सफाई नगर निगम कर्मियों से कराने का निर्णय लिया गया। विस्तारीकरण क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीन चिन्हित कर कब्जे में लेने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
बैठक में आवास पंजीकरण में हो रही देरी, पेयजल, सफाई और विद्यालयों के सुंदरीकरण में कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की गई। रमजान के दौरान प्रातः 3 बजे से 5:30 बजे तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। अशफाक उल्ला खान की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग भी उठी। साकेतपुरी कॉलोनी को नगर निगम को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को सदन ने अनुमोदित कर दिया।
स्वच्छता को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदारों के प्रशिक्षण और लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि दो कंपनियों का 15 दिन का भुगतान रोका गया है। बैठक का संचालन अपर आयुक्त सुमित कुमार ने किया। इस दौरान संत गाडगे की जयंती पर नमन तथा रुदौली के अमर बलिदानी देवेश सिंह को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में उपसभापति, पार्षदगण, सांसद प्रतिनिधि, अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।