अंबेडकर नगर। अखण्ड रामायण पाठ, कांटा और डोंगा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अकबरपुर चीनी मिल में गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत शुक्रवार को कर दी गई। जिलाधिकारी तथा चीनी मिल के इकाई प्रमुख रमेश कुमार वर्मा ने केन कैरियर में गन्ना डालकर पेराई सत्र का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर जिला गन्ना अधिकारी, वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मिझौड़ा, सचिव गन्ना समिति अकबरपुर, गन्ना समिति के चेयरमैन अरविंद सिंह सहित मिल के महाप्रबंधक राजन राय, अरुण कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह चौहान, मिल कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
इकाई प्रमुख रमेश कुमार वर्मा ने बताया कि अकबरपुर चीनी मिल गन्ना खरीद और त्वरित भुगतान को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 84.17 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी, जबकि इस वर्ष इसे बढ़ाकर 90 लाख क्विंटल तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि मिल को समय से चलाने का उद्देश्य किसानों के पेड़ी गन्ने की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
उन्होंने शासन द्वारा गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए किसानों से अपील की कि वे अपना गन्ना कोल्हुओं पर औने-पौने दाम में न बेचें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष भी किसानों को गन्ना मूल्य का त्वरित भुगतान किया जाएगा। साथ ही किसानों से अधिक से अधिक गन्ना मिल में आपूर्ति कर अपने बेसिक कोटे को बढ़ाने की अपील की।
महाप्रबंधक गन्ना सुनील कुमार सिंह चौहान ने बताया कि 12 नवंबर से बाह्य क्रय केंद्रों पर और 13 नवंबर से मिल गेट पर गन्ना खरीद शुरू कर दी गई है। इस वर्ष मिल गेट पर शिफ्ट सिस्टम लागू किया गया है, ऐसे में किसानों से अनुरोध है कि वे अपनी निर्धारित शिफ्ट के अनुसार ही गन्ना लेकर आएं, ताकि भीड़ और असुविधा से बचा जा सके।
उन्होंने किसानों से अपील की कि बिना पर्ची प्राप्त किए गन्ना न काटें, क्योंकि कटे गन्ने का वजन लगातार घटता है और पर्ची के अभाव में किसान मजबूर होकर गन्ना माफियाओं को कम दाम पर बेचने को विवश हो जाते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने सलाह दी कि किसान एसएमएस मिलने पर ही गन्ना कटाई करें तथा बंधन के लिए सूखी पत्तियों या धान के पुआल का उपयोग करें। इसके अलावा गन्ने की कटाई व छिलाई के दौरान बीच से न काटने की हिदायत दी, ताकि वजन में कमी न हो।
उन्होंने कहा कि किसान भाई मिल में जड़-पत्ती रहित, साफ-सुथरा और ताजा गन्ना ही आपूर्ति करें, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके तथा पेराई प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसान भाईयों में नए पेराई सत्र को लेकर उत्साह साफ दिखाई दिया।