महाकुंभ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के बस चालक के अपहरणकर्ता पुलिस की गिरफ्त में, भेजे गये जेल
बसखारी चौराहे पर जहां से बस चालक का अपहरण किया गया उस स्थान पर हमेशा उप निरीक्षक व पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है। और कभी-कभी थाना प्रभारी निरीक्षक भी कानून व्यवस्था को मुकम्मल करने के लिए चौराहे पर गाड़ी खड़ी कर देखे जाते हैं। लेकिन लगभग 60 सवारी से भरी बस के चालक का सारे शाम फॉर्च्यूनर वाहन से आए लोग जिसमें एक महिला भी शामिल बताई जा रही है, ने बीच बाजार पुलिस के सामने अपहरण कर लिया और आसानी से फरार हो गए। इस प्रकरण में त्वरित तेज़ी दिखाने वाली बसखारी पुलिस की कार्य शैली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। घटना के समय चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी कहां थे। अगर वह मौके पर थे तो फॉर्च्यूनर सवार आरोपी जब बस को रोक कर ड्राइवर को गाड़ी में बैठा रहे थे तो उस समय उनकी क्या भूमिका थी? अगर घटना के समय बसखारी चौराहे पर कोई पुलिसकर्मी नहीं था। तो यह थाना प्रभारी निरीक्षक की लापरवाही को उजागर करता है। जबकि पुलिस के द्वारा थाना क्षेत्र के विभिन्न बाजारो व चौराहों पर पुलिस की तैनाती का हमेशा दावा किया जाता है।इतनी बड़ी वारदात के बाद ऐसे में पुलिस के ऊपर भी कोई कार्रवाई न करना पुलिस की कर शैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
एक तरफ पुलिस चालक की कुशलता पूर्वक के प्रयास में जुटी हुई थी। तो वहीं दूसरी तरफ नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्ता व स्थानीय लोगों ने कुंभ तीर्थ यात्रियों की सेवा सत्कार में जुटे रहे। कुंभ तीर्थयात्रियों को जलपान के बाद भोजन भी कराया गया। भोजन करने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष ओंमकार गुप्ता ने सभी तीर्थ यात्रियों को माला पहना कर उनके मंगलमय यात्राओं की कामना करते हुए उन्हें विदा किया। चेयरमैन ओमकार गुप्ता की व्यवस्था व किए गए स्वागत से अभिभूत श्रद्धालुओं ने जय श्री राम का नारा लगाकर आभार प्रकट करते हुए अपने गंतव्य पर रवाना हुए। इस दौरान क्षेत्र अधिकारी देवेंद्र कुमार मौर्य, थाना प्रभारी निरीक्षक संत कुमार सिंह सहित पुलिस बल व कई स्थानीय संभ्रांत नागरिक मौजूद रहे।