जलालपुर, अम्बेडकर नगर । नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बडेपुर का हाल बेहाल है। सुरक्षा घेरा टूटने के बाद बीते पाँच वर्ष से चारदीवारी जर्जर अवस्था में पड़ी है, लेकिन मरम्मत कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका। लगभग 50 मीटर लंबी ध्वस्त बाउंड्री वॉल स्वास्थ्य केंद्र परिसर को खुला मैदान बना चुकी है, जिससे मरीजों और स्टाफ दोनों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही।
चारदीवारी न होने से आवासीय परिसर में जंगली जानवरों की आवाजाही आम बात हो चुकी है। स्टाफ असुरक्षा के बीच ड्यूटी करने को विवश है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार रात में जानवरों के घुस आने से खतरा बढ़ जाता है—ऐसे में यह समझ नहीं आता कि पहले अपनी सुरक्षा करें या मरीजों की देखभाल।
बरसात आते ही स्थिति और गंभीर हो जाती है। अस्पताल की छत से पानी टपकता है, वहीं आवासीय भवन की छतें भी कई जगहों से रिसती हैं। इससे उपचार की प्रक्रिया बाधित होती है और मरीजों को भी भारी असुविधा होती है। चिकित्सक टपकते पानी के बीच काम करने को मजबूर होते हैं, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
जलालपुर के अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि विभागीय स्तर पर कई बार पत्राचार किया जा चुका है और मामला सीएमओ के संज्ञान में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मरम्मत में और देरी हुई तो सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं—तीनों पर गंभीर संकट मंडराता रहेगा।