Friday, March 6, 2026
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पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च


◆ मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा, एनपीएस और निजीकरण का किया विरोध


अयोध्या। पुरानी पेंशन की बहाली, एनपीएस/यूपीएस को समाप्त करने और सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर शुक्रवार को शिक्षकों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। अटेवा के नेतृत्व में गांधी पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला गया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। अटेवा के इस प्रदर्शन में जनपद के कई शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की और एनपीएस को अस्थायी व असुरक्षित बताते हुए इसे समाप्त करने की बात कही।

अटेवा के जिला संयोजक विजय प्रताप सिंह ने कहा कि 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नहीं दी जा रही है, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीवन असुरक्षित हो गया है। जनपद महामंत्री उमाशंकर शुक्ल ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों की सेवा के बाद की जीवन सुरक्षा है, इसे समाप्त करना गलत है।

कोषाध्यक्ष राम शौक राजभर ने सरकार से जल्द पुरानी पेंशन लागू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। जिला प्रभारी हृदयारम ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षकों और कर्मचारियों की आवश्यकता है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

नर्सेज संघ की पूनम गुप्ता ने कहा कि एनपीएस शेयर बाजार आधारित प्रणाली है, जो सुरक्षित नहीं है। इसलिए सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए और निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगानी चाहिए।

कार्यक्रम में संगठन के अंजनी कुमार ओझा, हेमलता, शिवेंद्र सिंह सुनील प्रियदर्शी, राकेश शिव बहादुर पंकज यादव पीएसपीएसए पाठक, सभाजीत वर्मा , अरविंद सिंह, ओमप्रकाश तिवारी इमरान खान , बलराम यादव आदि शिक्षक व कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के उचित इंतजाम किए थे।

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