अयोध्या। सपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य राजा मान सिंह तथा उसके गिरोह के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की जांच के लिए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यही टीम थाना पूराकलंदर क्षेत्र में जमीन के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दंपति सुशील चतुर्वेदी व ममता जायसवाल के मामलों की भी जांच करेगी। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में गठित एसआईटी में प्रभारी देवेश चतुर्वेदी, सहायक पुलिस अधीक्षक रणजीत यादव, प्रभारी क्राइम ब्रांच जनार्दन सिंह, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना मो. अरशद तथा प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल अमरेश त्रिपाठी को शामिल किया गया है।
राजा मान सिंह पर ठगी व जाली नोटों का आरोप
थाना पूराकलंदर क्षेत्र के सरियावां निवासी राजा मान सिंह पर निवेश व जाली नोटों का झांसा देकर लोगों को ठगने का आरोप है। 6 अगस्त को पत्नी व अन्य गैंग मेंबर सहित उसकी गिरफ्तारी के बाद कई पीड़ित सामने आए हैं। कन्नौज निवासी आशीष और कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के नितीश से 30 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज है। पूर्व में भी वह जाली नोटों के मामले में जेल जा चुका है। जांच एजेंसी उसके आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए सबूत इकट्ठा करेगी और अपराध से अर्जित संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर कुर्की की कार्रवाई करेगी।
बीकापुर से विधानसभा टिकट की कर रहा है दावेदारी
राजा मान सिंह बीकापुर विधानसभा सीट से सपा का टिकट मांग रहा है। इससे पहले वह जिला पंचायत चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से हरा चुका है। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान भाजपा समर्थकों से उसकी भिड़ंत भी हुई थी, जिसके बाद पार्टी में उसका कद और बढ़ा। जिसके बाद उसे युवजन सभा में प्रदेश का पदाधिकारी बनाया गया।
10 करोड़ की ठगी करने वाला दंपति भी जांच के घेरे में
एसआईटी जमीन में निवेश के नाम पर 10 करोड़ की ठगी करने वाले दंपति सुशील चतुर्वेदी व ममता जायसवाल की भी जांच करेगी। 16 अगस्त को गिरफ्तार इस दंपति पर आरोप है कि वे निवेशकों को जमीन खरीदने का झांसा देकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते और विवादित भूमि का बैनामा कराते थे। पुलिस इनके सहयोगियों और अन्य की भी भूमिका खंगालेगी।
चल रही है कुर्की की प्रक्रिया – एसपी सिटी
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि पंजीकृत अभियोगों के अलावा अन्य आपराधिक गतिविधियों की भी जांच की जाएगी, ताकि गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई हो सके। अपराध से अर्जित संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया चल रही है। नए पीड़ितों के सामने आने पर जांच कर अलग से मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।