जलालपुर अम्बेडकरनगर। मालीपुर थाना क्षेत्र के आशानंदपुर बरौली गांव में एक निजी विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा नौ वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामलें में गुरुवार को छात्र का शव कब्र खोद कर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था व मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालने के बाद एक बार फिर परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया। मामलें में पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की बात कही है।
मंगलवार सुबह आशानंदपुर गांव निवासी अंधे दंपती की इकलौती संतान अंश प्रतिदिन की तरह सुबह लगभग आठ बजे स्कूल बस से जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर, मालीपुर पढ़ने गया था। परिजनों के अनुसार करीब 10 बजे स्कूल में उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई और उसे उल्टियां होने लगीं। छात्र के पिता हीरा लाल का आरोप है कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद विद्यालय प्रशासन ने न तो परिवार को इसकी सूचना दी और न ही बच्चे को समय से घर भेजने या उचित उपचार की व्यवस्था की।
दोपहर लगभग तीन बजे छुट्टी के बाद अंश को स्कूल बस से घर भेज दिया गया। आरोप है कि बस में भी उसे खून की उल्टियां होती रहीं। घर से लगभग 500 मीटर पहले ही बस चालक ने उसे उतार दिया। बस से उतरते ही अंश सड़क पर गिर पड़ा और उसकी हालत और गंभीर हो गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक अन्य छात्र ने साइकिल पर बैठाकर किसी तरह घर पहुंचाया।
बच्चे की नाजुक हालत देख परिजन तत्काल उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए, जहां उपचार के बाद छात्र को घर भेज दिया गया जहां उस की मौत हो गयी। मौत के बाद परिजनों ने छात्र को मंजूषा नदी के तट पर दफन कर दिया । बुधवार को पीड़ित मां शशिकला ने विद्यालय के प्रबंधक सुरेश अग्रवाल सहित अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उपजिलाधिकारी जलालपुर को प्रार्थना पत्र सौंपा था। जिस के बाद उपजिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने टीम गठित कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के निर्देश दिए थे। आदेश के क्रम में गुरुवार को नायब तहसील दार अमर नाथ व मालीपुर पुलिस की मौजूदगी में शव को हमजा पुर स्थित मंजूषा नदी के तट पर दफन किये गये शव को कब्र से निकलवा कर पंचनामा के बाद पोस्ट मार्टम हेतु भेज दिया। इस संबंध में स्कूल संचालक महेश कुमार ने बताया कि छात्र अंश को विद्यालय में कोई दिक्कत नहीं थी और वह दौड़ते हुए बस में बैठा था।बस में हल्की तबियत खराब होने के बाद ड्राइवर ने छात्र के परिजनों को सूचित भी किया था। उधर सीओ जलालपुर अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जायेगी।
ट्रेन में चना बेच कर परिवार का भरण पोषण करता है पिता
मृतक छात्र तीन बहनों में अकेला भाई था। छात्र के अंधे पिता हीरालाल ट्रेन में चना बेच कर परिवार का भरण पोषण करता था। हीरा लाल के तीन पुत्रियां है सब से बड़ी बेटी रागिनी 17 वर्ष,उस से छोटी साक्षी 14 साल और तीसरे नम्बर पर मृतक अंश था जब कि एक अन्य सब से छोटी बेटी हर्षिता तीन वर्ष की है। अंश परिवार का इकलौता और दुलारा बेटा था जिस की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों ने मामलें में इंसाफ की गुहार लगाई है।
ढाढस बंधाने का सिलिसिला जारी
छात्र की मौत के बाद मृतक के घर कई सियासी व सामाजिक लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। बसपा जिलाध्यक्ष सुनील सावंत गौतम, सपा नेता सिद्धार्थ मिश्र,जिला पंचायत सदस्य आलोक यादव, सच्चिदानंद पांडेय समेत अन्य ने मृतक के घर पहुंच कर परिजनों को ढांढस बंधाया और आर्थिक सहायता की मांग की।