रामपथ पर कई जगह पर पुष्पवर्षा करके पथ संचलन का स्वागत किया गया। पथ संचलन से पहले स्वयंसेवक पारम्परिक वेशभूषा धारण कर राम कथा पार्क में एकत्रित हुए। मुख्य वक्ता के रूप में संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख मिथलेश नारायण ने कहा कि व्यक्ति में देश भक्ति का भाव जगाना ही हमारा लक्ष्य है। हमारी प्रेरणा श्रीराम हैं, वे श्रीराम जिनकी गोद गिद्ध जटायु के लिए भी है और भाई लक्ष्मण के लिए भी है। समरस भारत की झलक भगवान राम के ही जीवन से मिलती है। स्वयंसेवकों को बताया गया कि यह संगठन भारतीय संस्कृति और नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखने व आदर्शों को बढ़ावा देता है और बहुसंख्यक हिंदू समुदाय को मजबूत करने के लिए हिंदुत्व की विचारधारा का प्रचार करता है। इसका ध्येय मातृभूमि के लिए निःस्वार्थ सेवा भाव से कार्य करना है।