पिछले साल जिले के 14 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इस बार भले ही खतरा कम बताया जा रहा हो, लेकिन प्रशासन सतर्क है। जिन गांवों में हर साल पानी भरता है — जैसे सोहावल का माझा कला, रुदौली का कैथी माझा और पूराबाजार के निचले इलाके — वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।