अम्बेडकर नगर। विकास के दौर में जहां चारों ओर सड़कों और पुलों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं जलालपुर तहसील क्षेत्र के डंडारी करमुल्हा गांव के लोग आज भी लकड़ी और बाँस-बल्ली से बने अस्थायी पुल के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में यह पुल बह जाने से ग्रामीणों को रामगढ़ व अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण प्रांजल, सुभाष यादव और राहुल का कहना है कि यदि यहां पक्का पुल बन जाए तो न केवल लोगों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा, बल्कि रामगढ़ सहित अन्य इलाकों तक जाने में करीब पांच किलोमीटर की दूरी भी कम हो जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक किसी ने संज्ञान नहीं लिया। मजबूरी में लोग हर साल अस्थायी पुल तैयार करते हैं और जोखिम उठाकर उसी से आवागमन करते हैं।
ग्रामीणों की शिकायत पर समाजवादी पार्टी के युवा नेता सिद्धार्थ मिश्रा ने भी पहल की है। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं होगा, तब तक क्षेत्र का विकास अधूरा ही रहेगा।