अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय ने मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा अयोध्या से चुनाव लड़ेगी और अखिलेश यादव भी आएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री पहले अपना टिकट पक्का कर लें।
बलरामपुर में दिए बयान में पवन पांडेय ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। उनके मुताबिक, अयोध्या में तैयारियां शुरू हो गई थीं और मिठाई बांटने से लेकर बूथ प्रभारियों को मोबाइल व कपड़े देने तक की बातें सामने आई थीं। हालांकि, अंतिम सूची में योगी आदित्यनाथ का नाम अयोध्या से नहीं आया। पवन पांडेय ने इसी का हवाला देते हुए कहा कि जो अपना टिकट नहीं बचा पाए, वे अखिलेश यादव को चुनौती दे रहे हैं।
लोकसभाचुनावऔरविकासकेमुद्देपरभीसाधानिशाना
पवन पांडेय ने 2024 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या की जनता ने भाजपा को हराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राममंदिर और विकास के नाम पर अयोध्या में मकान-दुकान तोड़े गए, व्यापारियों को नुकसान हुआ और उचित मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने किसानों की जमीनों को लेकर भी सत्ता और प्रॉपर्टी डीलरों के गठजोड़ पर आरोप लगाए।
विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए सपा नेता ने कहा कि पहली बारिश में ही अयोध्या की सड़कों की स्थिति सामने आ गई। उन्होंने गोरखपुर में भी विकास कार्यों को लेकर सवाल उठने का दावा किया।
2027 मेंसपासरकारबननेकादावा
पवन पांडेय ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होंगे। योगी आदित्यनाथ के सामने चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें चुनौती जैसी कोई बात नहीं है। वह पिछले 10 वर्षों से जनता के बीच हैं और सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों के समर्थन से चुनाव लड़ने और जीतने का भरोसा जताया।