अयोध्या। राष्ट्रीय पर्वों की आहट मात्र से ही मन और मस्तिष्क में उत्साह, उमंग और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना स्वतः जागृत होने लगती है। यह अनुभूति व्यक्ति को बचपन और स्कूली दिनों की याद दिलाती है, जब देशभक्ति से जुड़े नाट्य, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों में मन पूरी तन्मयता और उल्लास के साथ जुड़ जाता था। राष्ट्रीय पर्व वही स्मृतियां पुनर्जीवित कर व्यक्ति को मानसिक रूप से रोमांचित करते हैं।

मनो परामर्शदाता, जिला चिकित्सालय अयोध्या


