अयोध्या। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने की।
बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, जिला महामंत्री राघवेन्द्र नारायण पाण्डेय, समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष जे.पी. पांडेय, जिला सचिव अनसाद अहमद, बसपा के जिला संयोजक मुस्तफा अली, कांग्रेस के जिला कोषाध्यक्ष उमेश उपाध्याय सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों के पुनर्गठन और विभाजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यदि किसी राजनीतिक दल को मतदेय स्थलों या नामावली पुनरीक्षण से संबंधित कोई आपत्ति या सुझाव हो, तो उसे 8 नवंबर 2025 तक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा भरे गए इम्युमरेशन फार्म की जांच संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाए। मतदाताओं के नामों से संबंधित आपत्तियों को बूथ लेवल एजेंट समय पर दर्ज करा सकते हैं।
बैठक के अंत में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियाद है, इसलिए सभी दल इसमें सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।