अयोध्या। रामनगरी की सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने रामलीलाओं के मंचन में कथित फूहड़ता और अभद्रता पर आपत्ति जताई है। वीडियो जारी कर उन्होंने अयोध्यावासियों, सनातन धर्मावलंबियों और रामभक्तों से रामलीलाओं की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने नवरात्र में आयोजित होने वाले डांडिया और गरबा कार्यक्रमों के आयोजकों से भी धार्मिक परंपराओं और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने का आह्वान किया।
महंत राजू दास ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र आदर्श और मर्यादा का प्रतीक है। ऐसे में रामलीलाओं के मंचन के दौरान कहीं भी फूहड़ता या अभद्रता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रस्तुतियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इनका विरोध किया जाना चाहिए। भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने से समाज की अनेक कुरीतियों और पारिवारिक समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने रामलीला समितियों से धार्मिक गरिमा बनाए रखते हुए आयोजन करने की अपील की।
डांडिया–गरबाआयोजकोंसेभीकियाआह्वान
नवरात्र में आयोजित होने वाले डांडिया और गरबा कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए महंत राजू दास ने आयोजकों और हिंदू समाज से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसे आयोजनों में पहुंचकर युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने इसे लेकर चिंता जताई और आयोजकों से कार्यक्रमों में प्रवेश व्यवस्था तथा सुरक्षा पर ध्यान देने को कहा।
महंत ने सुझाव दिया कि कार्यक्रमों के प्रवेश द्वार पर भगवान की तस्वीर रखकर पूजन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आयोजनों में आने वाले लोगों की पहचान और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जानी चाहिए। वीडियो में उन्होंने अन्य धर्मों को मानने वाले लोगों की सहभागिता का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे लोग यदि कार्यक्रमों में आएं तो अपने परिवार के सदस्यों के साथ आएं। वीडियो के अंत में महंत राजू दास ने ‘जय सियाराम’, ‘वंदे मातरम’ और ‘सत्य सनातन वैदिक धर्म की जय’ के उद्घोष किए। उन्होंने ‘भारत हिंदू राष्ट्र की जय’ का नारा भी लगाया।