जलालपुर अम्बेडकर नगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर में तैनात एक महिला चिकित्सक पर मरीजों को सरकारी अस्पताल से अपने निजी नर्सिंग होम जांच व दवा लेने के लिए भेजने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि संबंधित चिकित्सक सरकारी पर्चे पर जांच और अल्ट्रासाउंड तथा दवा लेने के लिए अपने निजी नर्सिंग होम जाने की सलाह देती हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं और स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को अल्ट्रासाउंड के नाम पर अपने निजी केंद्र पर भेजा जाता है। जो सरकारी अस्पताल से 500 मीटर की दूरी पर संचालित है। सोमवार को
एक पीड़ित महिला हाथों में सरकारी पर्चा लेकर महिला चिकित्सक के निजी मेडिकल स्कूल पर दवा लेने पहुंची थी।महिला ने बताया कि महिला चिकित्सक ने जांच के लिए तत्काल अल्ट्रासाउंड कराने को कहा और एक अपने नर्सिंग होम का नाम लेकर बताया कि वहीं अल्ट्रासाउंड होगा।महिला के हाथ मे सरकारी पर्चे के साथ एक अन्य दवा का पर्चा भी था जिस पर लिखी गयी दवा अपने निजी मेडिकल से लेने की सलाह महिला चिकित्सक ने मरीज को दिया था। मरीजों का कहना है कि सरकारी असपताल में मुफ्त व सहूलत के लिए वह इलाज कराने आते है मगर उक्त महिला चिकित्सक एक दो दवा लिखने के बाद अलग से एक पर्चा बाहर से दवा लेने के लिए लिखती हैं और जांच भी वह अपने ही प्राईवेट नर्सिंग होम से ही कराती हैं। जहां उन्हें मजबूरी में महंगी दवा व जांच करानी पड़ती है। यह सरकारी सेवा नियमों और चिकित्सा आचार संहिता का उल्लंघन है। सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों को निजी लाभ के लिए मरीजों को प्रभावित करना नियम विरुद्ध माना जाता है। इस संबंध में सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र जलालपुर के आधीक्षक डॉ जयप्रकाश ने बताया कि जांच कर के आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।